>:> एक इन्सान तब नहीं हारता जब वो फैल हो जाता है, या वह असफल होता है। एक इन्सान तब हारता है, जब वो अपने मन से हार मान लेता हैं।
Abraham Lincoln Biography |
>:< चलिए आज मे आपको को एक सवाल पूछता हूं ॽ आप एक हारा हुआ इन्सान किसे कहते हैॽ एक ऐसे ही इन्सान की कहानी सुनाता हूं। यह एक रियल स्टोरी है, ओर अमेरिका मे रहनेवाले एक इन्सान की कहानी है।
>:< यह कहानी है, अब्राहम लिंकन के बारे में उनकों कोन नहीं जानता। अमेरिका का 16वां राष्ट्रपति थे अब्राहम लिंकन। जिनका कार्यकाल सन् 1861 -1865 चला। सोच बदी थी अब्राहम लिंकन की वो इनसानों में फर्क नहीं मानते थे, ना कोई जाती में भेद ना इन्सान के रंग में कोई भेद। अमेरिका जुज रहा था गुलामी से ओर उस गुलामी से मुक्ति दिलाने में बहुत बड़ा योगदान है अब्राहम लिंकन का 12 फरवरी सन् 1809 में अमेरिका के एक गरीब परिवार मे जन्म हुआ था। ओर तमाम मुश्किलों को झेल के वो बदे हुऐ थे। वकालत की पढ़ाई की और फिर राजनीति में चले गए। अमेरिका तब गुलामी प्रथा से पीड़ित था। चारों तरफ हिंसा थी, ओर अब्राहम लिंकन से यह देखा नहीं गया, ओर वो इस प्रथा खत्म करने की लड़ई में कुद गऐ। लोग उन्हें पसंद करने लगे ओर वो अमेरिका का राष्ट्रपति बन गए।
![]() |
Abraham Lincoln Biography |
>:< अब्राहम लिंकन राष्ट्रपति बनने से पहले अपने लाइफ में कई बार हार का सामना किया था। वो हर बार अपनी क्लास में फेल होता थाॽ जिसे एक अच्छी नौकर नहीं मिलतीॽ वह सारे बिजनस में फेल हो जाता हैॽ उसके बाद उसने विधानसभा का चुनाव लडे ओर वह बुरी तरह से हार गए। फिर उसके बाद वो कोशिश करते रहे। उनके ठीक 2 साल बाद एक ओर बुरी धटना धटी उनकी वाइफ की मोत हो गई। ओर ये पुरी तरह से तुट गऐ। कुच साल बाद फिर उन्होंने हिम्मत बाधी। ओर सन् 1838 मे उन्होंने हाउस ओफ स्पीकर चुनाव लडा ओर वह यह चुनाव में भी हार गए। उनके कुच साल बाद उसने कोग्रेस नोमिनेशन में अपना नाम दिया। लेकिन वे कोग्रेस के नोमिनेशन से राष्ट्रपति भी बाहर हो गए। उनके कुच साल बाद उसने फुअधिकारी में अपना नामांकन दिया। लेकिन उसे फुअधिकारी से भी उसको खारिज कर दिया गया। उनके कुच साल बाद उसने सिनेत का चुनाव लडा, लेकिन ये सिनेत का चुनाव भी हार गए। सन् 1856 मे वे उपराष्ट्रपति चुनाव लडा लेकिन वो उस चुनाव में भी पीछे रह गए। फिरसे 2 साल बाद उसने वही चुनाव लडा,ओर इस बार भी वह उपराष्ट्रपति का चुनाव हार गए। तो इतनी बार असफल होने वाले इन्सान को आप क्या कहेंगे। क्या आप इन्हे भी हारा हुआ इन्सान कहेंगे, इतने असफलता के बाद भी सन् 1860 मे राष्ट्रपति का चुनाव जीता ओर अमेरिका का महान राष्ट्रपति बने। 14 अप्रेल 1965 की रात फोर्ड थेठर में 10:15 मिनट को अब्राहम लिंकन की हत्या करदी गई।
![]() |
Abraham Lincoln Biography |
>:< अब्राहम लिंकन ने बहुत हार का सामना किया, बहुत असफलताएं मिली लेकिन उन्होंने हार कभी नहीं मानी। इतनी असफलताएं आने के बाद वो कभी भी हार मान सकते थे, कभी भी पीछे हट सकते थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी ओर आगे बढ़ते रहे ओर इसीलिये दुनिया के इतिहास में महान व्यक्तियों में एक है।



Comments
Post a Comment