Ship Reapperars After 90 Years
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| Ship Reapperars After 90 Years |
हेलो दोस्तों "
वैसे तो दुनिया में अनेकों विचित्र और रहस्यमय स्थान मौजूद है । उनमें से कई स्थान प्रतिबंधित है, और कुच इतने रहस्यमय होते है कि वहाँ जाने की हिम्मत कोई भी नहीं करता ओर ये रहस्यमय स्थान कई मौतों का जमीन बन चुकी है । ना तो इन मौतों का कारण पता लगता है , ओर नाहीं मरने वालों का कोई सुराग मिलता है । जब भी किसी रहस्यमय स्थान की बात होती है , तो बरमूडा का जिक्र होना लाजिमी है । ये दुनिया का सबसे बड़ा रहस्य माना जाता है जिसे आज तक कोई भी सुलझा नहीं पाया है । ना जाने कितने ही शिपो ओर विमानों को दैत्यरुपी सागर अपने आप में ये समा चुका है । दैत्यरुपी हमनें इसलिए कहा, क्योंकि एक बार जो भी इस सीमा में प्रवेश कर जाता है वो कभी लोतकर वापस नहीं आता । लेकिन हाल ही में हुई इस घटना ने सबको हिला के रख दिया । वो हो गया जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता था । एक जहाज 90 साल बाद इस रहस्यमय ट्राइंगल से लौटकर वापस गया । तो चलिए दोस्तों जानते है इस अद्भुत ओर विचित्र जहाज के बारे में लेकिन उससे पहले आपको बरमूडा ट्राइंगल के कुच विशेष बातों को जान लेना चाहिए । बरमूडा ट्राइंगल North Atlantic महासागर का हिस्सा है जो मियामी पॉटर इगो ओर बरमूडा को मिलाकर एक ट्राइंगल यानी की त्रिभुज का आकार ले लेता है ।इस त्रिभुज को डेविल ट्राइंगल से भी जाना जाता है ।ये ट्राइंगल बहोत रहस्यमय ओर जानलेवा है। क्योंकि इस जगह के आसपास से जो भी कोई विमान या जहाज गुजरता है, वो रहस्यमय तरीके से गायब हो जाता है ।
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16मई 2015 मे क्यूबा के एक पोस्ट गार्डने बताया कि उन्हें एक मालवाहक पानी का जहाज लावारिस अवस्था में मिला है ।लेकिन जहाज के कृ मेम्बर से संपर्क साधने में सभी कोशिशें नाकामयाब रहे। क्युवन ओथोरेटिशने तीन पेट्रोलिंग बोट को तुरंत उस अंजान जहाज की तरफ रवाना किया । जब ये बोट जहाज तक पहोची वहाँ का नजारा देख कर भौचंके रह गए । क्योंकि उस जहाज के देथ पर कोई भी जिन्दा या मृत् व्यक्ति नहीं था । जहाज पर लगे नेमप्लेत ओर उस जहाज पर जगह जगह लगे टेंग इस जहाज के कोटोपेक्सी होने के इशारे करते थे । जो की 1925 मे बरमूडा ट्राइंगल से गायब हो गया था । इसमें कुच मिला तो वह भी कैप्टन की लोकबुक जिससे पता चला कि ये क्लेशकर नोमिनेशन कंपनी का जहाज था । इस जहाज की ओनर से भी बात की गई लेकिन कुच पता नहीं चल सका कि आखिर 90 साल पहले हुआ क्या था । क्युवा के एक्सपर्ट क्वोदर सेलवोदर ने बताया कि ये लोकबुक ओथेंतिक है । इस बुक में जहाज से चलने से लेकर अगले दो दिन तक के सभी रेकॉर्ड बिलकुल सामान्य थे । इस बुक में 30 नवंबर को घटित हुई इस घटना का जो विवरण किया गया है , वे एक अलग तरह की दास्तान बयान करता है । इस जहाज के कैप्टन की इस बुक के अनुसर 30 नवंबर सन् 1925 के शाम को तकरीबन 5:00 बजे ये जहाज मियामी से लगभग 25 नॉटिकल माइल्स पर था । उस समय समुद्र कुच अशांत लग रहा था । लेकिन कैप्टन ने आगे बढ़ते रहने का फैसला किया, लेकिन 30 मिनट बाद समुद्र का स्थर अचानक बडी तेजी से बढ़ने लगा । ओर जहाज के नेविगेशन सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया । ओर इस भुख के अनुसार रात के तकरीबन 8:00 बजे ऐस ऐस कोटोपेक्सी दिशा भ्रमित हो चुके थे । कैप्टन को समझ नहीं आ रहा था कि वे कहां है । ओर उनकी इस दिशा में आगे बढ़ना चाहऐ । उन्होंने रेडियो नोमिनेशन के मदद से वहाँ से निकलने के लिए सहायता माँगने कोशिश की लेकिन उनकी ये कोशिश भी नाकामयाब रही । कुच ही देर बाद तकरीबन 11:23 मिनट पर जहाज के कैप्टन ओर उनक 32 कृ मेम्बर ने आसमान में कुच अजीब ओर बेहद चमकीली रोशनी दिखाई दी।जो की बहुत तेजी से जहाज की बाइ तरफ से होते हुए एक विस्फोटक रचना के साथ गायब हो गई । उस तरह की किसी भी चीज को जहाज के कैप्टन ओर कृ मेम्बर ने कभी नहीं देखा था । इस घटना ओर समुद्र में बरमूडा ट्राइंगल के आसपास होने की वजह से जहाज पे मौजूद सभी लोग बेहद सहमे हुए थे । ओर 11:48 मिनट पर कैप्टन ने लिखा शायद अब हम नहीं दुविधा से कभी नहीं निकल पाऐगे । ओर ...इस अधूर वाक्य के साथ इस लोकबुक मे लिखी जानेवाली डिटेलस हमेशा हमेशा के लिए रुक जाती है ।
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19 नवंबर सन् 1925 को अपने 32 कृ मेम्बर ओर 2340 टन कोयले के साथ साउथ केरेलाइना से रवाना हुए ऐस ऐस कोटोपेक्सी के साथ क्या हुआ ये आज भी एक रहस्य बना हुआ है । 30 नवंबर 1925 के रात को आखिर ऐसा क्या हुआ था, जिसकी वजह से जहाज पर मौजूद लोगों को इतना विचित्र अनुभव हुआ । ओर केसे ये जहाज लगभग 90 साल बाद बरमूडा ट्राइंगल से बिना अतिग्रंथ हुवे अचानक वापस कैसे आ गया । आप लोगों ये बात जानकर ओर भी हैरानी होगी, की आज तक जो भी विमान या जहाज इस शैतानी ट्राइंगल की चपेट में आया है वह पूरी तरह से निस्त नाबुद हो गऐ है । तो आखिर कैसे ये जहाज 90 स



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