Why chinese people have small eyes

क्यों चाइनीज की आंखें छोटी होती है ॽ


Why chinese people have small eyes,

Why chinese people have small eyes




    होमो सेपियन्स वो इन्सानी प्रजाति है जो इस पृथ्वी पर तीन लाख सालों पहले सबसे पहले देखीं गई थी । ये जीव  आज का मोडॅन इंसान है । ओर दुनिया भर में आप जितने भी लोग देखते हो वो सभी इसी प्रजाति को बिलौग करते हैं । लेकिन अब सवाल ये है अगर दुनिया में सभी लोग होमो सेपियन्स है ॽ तो क्यू एक चाइनीज इंसान एक इंडियन इंसान से इतना अलग दिखता है ! एक इंडियन ओर चाइनीज इंसान के बीच में इतना डिफरेन्स की वजह से आप उन्हें आसानी से पहचान लोगे और वही पर एक आफ़रीकन ओर एक युरोपियन आदमी को भी एन्ड सेव फोर चाइनीज एन्ड आफ़रीकन । सो यह सभी एक ही किसम के लोग आखिर एक दूसरे से इतना अलग कैसे दिख सकते हैं ॽ ओर क्या रिजन है कि इन्हें एक दूसरे से इतना अलग दिखना पडा । क्या राज है इंडियन के टेन्स स्किन का या फिर चाइनीज की छोटी आंखो का ओर युरोपियन के गोरे चमड़े ओर सुनहरे बालों का ये सभी कुच आप इस पोस्ट में जानने वाले हो । ओर इस पोस्ट के अंत तक आप इंसानी इतिहास के बारे भी बहोत कुच जान लोगे जो आपको नहीं पता ।

   दोस्तों इंसानी प्रजाति यानी होमो सेपियन्स सबसे पहले अफ्रीका में देखे गये थे । कुच तीन लाख सालों पहले जहाँ से माना जाता है की जिंदगी की शुरुवात भी हुई थी वहाँ के गरम ओर नैचुरली रिच पर्यावरण में मतलब तीन लाख साल पहले इस दुनिया के सभी लोग लगभग ऐसे ही एक जैसे दिखते थे । चाहे वो आज चाइनीज इंसान या फिर इंडियन ओर सभी आपस में खुशी से रेह भी रहे थे आइस ऐज मे विदाउट रिशेंजम यु नो । लेकिन आज से 130000 सालों पहले आइस ऐज में ही कुच ऐसा समय आया, की काहा जाता है इंटरग्लेशियर इंटरलूड यानी आसान भाषामें आइस ऐज में गरमी बढने लगी उससे हुवा ये की अफ्रीका से बाहर जाने के बरफ से जमे रास्ते पिगलनें लगे ओर बडी तादादों मे इंसानों में माइग्रेशन होने लगा । ओर वे दूसरे घर की तलाश में अफ्रिका छोड़कर निकलने लगे । ओर फिर वह धीरे धीरे लेबिंतिनस रिजंन जैसे आज के मोडॅन रिजन इसराइल सीरिया जोडॅनटर्की वगैरह में स्प्रेड होने लगे । जहा से फिर कुच इंसान आनेवाले हजारों सालों में युरोप की तरफ निकले ओर कुच एशिया की तरफ । 40 हजार सालों पहले एक होमो सेपियन्स इंडिया ओर चाईना तक फैल चुके थे । ओर फिर यहां से सालों साल अपनी नई जमीनें ओर पर्यावरण में रहने के बाद इंसानों में चार मेजर ह्यूमेन रेंशज का जनम हुवा । जो लोग युरोप चले गए थे माइग्रेशन के बाद वो लोगों को आज कोकेशियन कहलाया जाता है । ओर जो लोग अफ्रिका मे ही रहे थे उन्हें निगनोइकरेश कहा जाता है । उसी तरह जो लोग साउथ एशिया चले गए वह मोगोंलेत रेश के है। ओर जो ऑस्ट्रेलिया ओर पोलेनेशिया जैसे जदन आइलैंड के ओरिजनल लोग हैं वो ऑस्ट्रेलोईड रेश के है ।

    फ्रेंड्स बहोत जाने लिया हमने इतिहास के बारे में अब सवाल यह है की ये सभी लोग आपस में इतने अलग क्यों दिखते हैं ॽ ओर इनमें विभिन्नताऐ आई तो आई कहाँ से ! सो फ्रेंड्स इसका जवाब हमें टार्विन भाई हमें बतायेंग अपनी थियरी ओर अवल्यूशन के जरीऐ । बत हमें सबसे पहले ये पता करना पड़ेगा आखिर इंडियन कोन है ॽ क्योकि हम युरोपियन जैसे तौ नहीं दिखते ओर नाहीं  चाइनीज जैसे । तो हम कोन है, वेल इंडियन ऐकचूलि मे मिक्सर है तीन रेशस के कोकेशियन, ऑस्ट्रेलोईड ओर मोंगोलोईड नॉर्थ इंडियन से जो इंडियन है उनके DNA में कोकेशियन जींस ज्यादा है । ओर ऑस्ट्रेलोईड ओर मोंगोलोईड कम । साउथ इंडिया में जो इंडियन है, उनमें ऑस्ट्रेलोईड जींस से ज्यादा है और नॉर्थ ईस्ट इंडिया में जो इंडियन है उनमें मोंगोलोईड जींस ज्यादा है । ओर इसी वजह से इंडिया में खुद ही लोगों में बहोत विभिन्नता है । लेकिन चाइना मे ऐसा नहीं है, चाइना मे मोस्टली मंगोलियन रेश के है । ओर इसीलिये उनमें इस हद तक विभिन्नता नहीं है ।

   अब आते है इस प्रश्न पर की चाइनीज चाइनीज़ जैसे क्यों दिखते हैं ॽ ओर युरोपियन सफेद क्यों है,ओर इंडियन इंडियन जैसे क्यों दिखते हैं ॽ

    दोस्तों चलिए एक और बार अतीत में लेकिन इस बार हम चलते हैं मंगोलिया के बर्फीले रेगिस्तान में । जहा पर मोंगोलोईड रेश का जन्म हुआ था । जब अफ्रिका से लोग साइबेरिया के बर्फीले रेगिस्तानों मे आऐ, तो उन्हें जिन्दा रहने के लिए वहां की परिस्थिति में अपने आप को ढालना पडा । अवल्यूशन के सिद्धान्तों के तेहेद उनका वहाँ नैचुरल सिलेक्शन होने लगा । चाइनीज लोगों की आंखें छोटी होती है तो उसके पीछे की वजह यह है की वहीं आंखें उन्हें सेकडो सालों पहले जब साइबेरिया मे बर्फीले तूफान आते थे तो वही छोटी आंखें उन्हें तूफानों से बचाती थी ।





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